HI-1136
Hindi

गम में दिल को

Kashtaththil en Ullam Oru

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Chorus

गम में दिल को फजल मिला है बंद राहों में खुली एक राह नई देखूं जब फांसले अभी मेरा अतीत और जहाँ हूँ अभी जानू मैं फिर अकेला रहूँगा नहीं आग में एक और था संग मेरे खड़ा जिसने गहरे पानियों में समुन्दर रोक रखा भूल जाऊं गर कभी मैं आझाद कैसे हुआ सूली पर मेरे गुनाह लेकर एक और मरा आग में एक और था मेरा कर्ज डूबा समुन्द्र के निचे मैं तो पाप का गुलाम रहा अब नहीं गिरू मैं जो कभी किसी सेहलाब में बचू या नहीं तो भी दुनिया के आगे झुकू गा नहीं जानूं मैं की अकेला रहूँगा नहीं आग में एक और है संग मेरे खड़ा जिसने गहरे पानियों में समुन्दर रोक रखा भूल जाऊं गर वह सामर्थ जिसने किया आझाद वही मृत्युंजय की शक्ति मेरे सीने में यहाँ आग में एक और है आग में एक और है दिखे रोशनी अँधेरे में अँधेरा झुके यहाँ स्वर्ग गूंज उठे और करीब आये मिटे हर फांसला ये जमीं कापे पैरों तल tale सलाखें अब टूटे तेरे मेरे बिच में राह सिर्फ जीत हैं कोई नाम नहीं है येशु जैसा वही है जो बना रहेगा सर्वदा फिर चाहे कोई मेरे साथ न रहे है यकीन मुझे जानूं मैं की अकेला रहूँगा नहीं आग में एक और होगा संग मेरे खड़ा जो गहरे पानियों में समुन्दर रोकेगा भूल जाऊं गर कभी मैं तू कितना भला है संघर्ष में ख़ुशी पाऊं तू रहेगा वहां आग में एक और है आग में एक और है आग में एक और

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